शराब के दुष्परिणाम व शराब की लत से बचने के उपाय

शराब  कई रसायनों के समूह का एक नाम है। एक अनुमान के अनुसार दुनिया भर में हर साल 30 लाख लोगों की मृत्यु शराब के हानिकारक उपयोग से होती है। शराब के कारण लोग अपेक्षाकृत रूप से जल्दी मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं, या फिर विकलांग हो जाते हैं।

शराब के निरंकुश उपयोग से परिवार व समाज को भी नुकसान होता है। इससे समाज व  परिवार को स्वास्थ्य, सामाजिक व आर्थिक हानि उठानी पड़ती है। 200 से अधिक चोट व बीमारियों का कारण शराब का हानिकारक उपयोग है। इससे मानसिक व व्यवहारिक हानि होती है। जैसे शराब की लत लगना यकृत सिरोसिस, कुछ प्रकार के कैंसर, ह्रदय रोग इसके अलावा सड़क दुर्घटनाएं, हिंसक झड़पें, आदि शराब के सेवन के कारण होते हैं। इसकी वजह से कुछ नए संक्रमणकारी  रोगों की चपेट में व्यक्ति आ जाता है, जैसे तपेदिक HIV-AIDS  आदि हो सकते हैं।

शराब की लत क्या है।

शराब की लत का मतलब है, शराब छोड़ने में असमर्थ होना, कुछ लोग कम मात्रा में शराब पीते हैं। इसे लत नहीं कह सकते, लेकिन अगर शराब का सेवन इतना अधिक बढ़ जाए ताकि व्यक्ति से शराब पिए बिना अपने जीवन के सामान्य कार्य न कर सके। तो इसे शराब की लत कहते हैं। यह आदत व्यक्ति के जीवन में कई हानिकारक प्रभाव डालती है। इससे व्यक्ति के परिवार को सामाजिक, आर्थिक, मानसिक व स्वास्थ्य से संबंधित हानि उठानी पड़ती हैं।

शराब के प्रकार

  1. अनाज द्वारा अल्कोहल grain alcohol – यहशराब अनाज के द्वारा बनाई जाती है। इसे इथेनॉल भी कहते हैं। इसे बियर व वाइन में प्रयोग किया जाता है। यह शर्करा और स्टार्ट केकिण्वन द्वारा बनाई जाती है। यह अधिकतर पीने के लिए उपयोग की जाती है।
  2. सुगंधित शराब– इसका उपयोग दवाओं और सौंदर्य के लिए किया जाता है।
  3. डीनेचरड अल्कोहल Denatured alcohol -यह शराब अनाज द्वारा बनी शराब से मिलती-जुलती होती है। परंतु यह मानव द्वारा पीने के लिए उपयोग में नहीं लाई जा सकती है। इसका प्रयोग कॉस्मेटिक,मोस्चराइजर्, डिओडरेंट्स और माउथवॉश बनाने के लिए किया जाता है।
  4. वसायुक्त शराब– इसका उपयोग सौंदर्य के लिए किया जाता है। हम कह सकते हैं कि, केवल अनाज द्वारा बनाई गई शराब ही मानव द्वारा उपयोग की जाती है। तथा वही लत का प्रमुख कारण है।

शराब पीने से हानियां

ऐसा कहा जाता है कि, कोई भी चीज हो जब अधिक मात्रा में प्रयोग की जाती है, तो उस के हानिकारक प्रभाव पड़ते हैं। अगर शराब का सेवन अधिक किया जाए या लत लग जाए तो इससे कई प्रकार की हानियाँ हो सकती है। यह यकृत, अग्नाशय, तंत्रिकाओं और हृदय आदि को प्रभावित करती है।  इससे यकृत में सिरोसिस, ह्रदय रोग, योन रोग और पोषण में कमी आदि रोग हो सकते हैं।

इसके अलावा शराब  से मनोवैज्ञानिक हानी भी होती है। जैसे अवसाद होना, चिंता, थकान, मतिभ्रम, शारीरिक असंतुलन आदि विकृतियां हो सकती हैं। गर्भवती महिलाएं अगर शराब का सेवन करती हैं, तो उससे बच्चे के ऊपर विशेष रूप से हानिकारक प्रभाव पड़ता है। इससे बच्चे में शारीरिक व मानसिक विकार उत्पन्न हो सकते हैं। इसलिए गर्भ काल में 9 महीने तक शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

शराब के दुष्परिणाम शराब की लत

शराब की लत छुड़ाने के उपाय

इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति को सहायता और सहारे की बहुत अधिक आवश्यकता होती है। इसके लिए उन कारकों पर ध्यान देना आवश्यक है, जिनकी वजह से शराब पीने की इच्छा प्रबल होती है। जैसे शराब पीने वाले व्यक्ति की संगत में आना, शराब की दुकान के आस पास रहना आदि शामिल हैं।

इसकी लत छुड़वाने के लिए एक प्रक्रिया है। जिसे  डिटॉक्सिफिकेशन कहते हैं। इसमें शराब की जगह पर दवाओं का उपयोग किया जाता है। जिसके समान प्रभाव होते हैं। इस प्रक्रिया से धीरे-धीरे शराब की लत छूट जाती है। इसके साथ-साथ व्यक्ति का इलाज मनोचिकित्सक द्वारा भी करवाया जाता है। इससे व्यक्ति को एक स्वास्थ्य जीवन जीने में मदद मिलती है। साथ ही साथ शरीर में शराब से हुए नुकसान की भी दवाएं चलाई जाती हैं। इसकी लत छुड़वाने में मनोवैज्ञानिक और चिकित्सकीय दोनों तरह के इलाज की बहुत आवश्यकता होती है।

इस लत को छोड़ने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ साथ परिवार व समाज का पूरा पूरा सहयोग मिलना आवश्यक है। अगर लत प्रारंभिक स्तर पर काबू में आ जाए तो इससे शारीरिक हानि भी बहुत कम होती है। शराब की लत का इलाज  करवाना बहुत आवश्यक है। यदि इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह व्यक्ति समाज व परिवार के लिए हानिकारक सिद्ध होती है।

शराब के नुकसान को कम करना

वाइन में अल्कोहल होने से यह हानिकारक हो जाती है। अल्कोहल की वजह से शरीर में  कैटिचिन का स्तर कम हो जाता है। जिससे कैंसर व हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। अंगूर से बनी शराब में  फ्लेवेनाइड होता है। जिससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है। तथा इस कारण रक्त वाहिकाएं संकरी हो जाती  हैं, तथा हृदय में रक्त की आपूर्ति में कमी होती है। जिससे हृदय रोग हो जाता है, अगर कोई व्यक्ति शराब से छुटकारा पाना चाहता है, तो वह अल्कोहल मुक्त शराब का सेवन कर सकता है। जिससे वह खुद के लिए शराब का स्वाद बनाए रख सकता है। ऐसा नहीं है कि, अल्कोहल मुक्त शराब में अल्कोहल नहीं होती। परंतु इसमें अल्कोहल बहुत कम मात्रा में होती है। जिससे स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं पड़ता है। जो लोग मादकता से व शराब से होने वाले नुकसान से बचना चाहते हैं, उनके लिए अल्कोहल मुक्त शराब अच्छा विकल्प है।

शराब एक प्राचीन पेय पदार्थ है। जो प्राचीन सभ्यताओं द्वारा हजारों सालों से उपयोग किया जा रहा है।  इसका प्रयोग कई सामाजिक अवसरों पर किया जाता है, और कुछ लोग रोज इसका थोड़ा थोड़ा सेवन करने लगते हैं। जिससे शराब की लत लग जाती है, फिर यह लत समाज तथा परिवार के लिए हानिकारक हो जाती है।

मुख्यतः युवाओं को शराब से दूर रहना आवश्यक है। इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने चाहिए, जसे शराब को प्रतिबंधित करना चाहिए, शराब पीकर ड्राइविंग के लिए नियम कड़े कर देने चाहिए, शराब के हानिकारक उपयोग के बारे में जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए ओर शराब के हानिकारक उपयोग से हुए नुकसान की रोकथाम के लिए एवं उपचार व्यवस्थाओं को मजबूत करना चाहिए।

धन्यवाद।

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