कैंसर कैसे होता है कैंसर के लक्षण व बचने के उपाय

कैंसर कैसे होता है कैंसर के लक्षण व बचने के उपाय

कैंसर कारण व निवारण

कैंसर का रोग विश्व में इस्केमिक हृदय रोग (Ischemic Heart Disease) के बाद मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। वैश्विक स्तर पर माना गया है कि हर छह में से एक मौत का कारण कैंसर है। और तंबाकू का सेवन कैंसर का प्रमुख कारण है। 22% कैंसर से होने वाली मौतों का कारण तंबाकू का सेवन है। कैंसर से सबसे ज्यादा मृत्यु कम आय वाले देशों में होती हैं। एक अनुमान के अनुसार 2018 में कैंसर के कारण विश्व भर में 96 लाख लोगों की मृत्यु हुई।

कैंसर क्या होता है? (कैंसर परिभाषा)

कैंसर का मतलब है, शरीर में असामान्य रूप से कोशिकाओं का तेजी से बढ़ना, और यह बढ़ी हुई कोशिकाएं शरीर के आसपास के हिस्सों को प्रभावित करती हैं। इस प्रक्रिया को मेटास्टेटसिंग कहा जाता है। और यह कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण है।
कैंसर शब्द बहुत सी बीमारियों का सामूहिक नाम है। जिससे शरीर का कोई विभाग प्रभावित हो सकता है। जैसे फेफड़े, स्तन, लीवर, पेट आदि, कैंसर के लिए ट्यूमर या नियोप्लास्म्स शब्द भी प्रयोग में लाए जाते हैं।

कैंसर कैसे होता है

कैंसर होने का एक कारण वजन का बढ़ना (High BMI) है। फल सब्जियों का कम सेवन, शारीरिक कार्य कम करना, शराब और तंबाकू का सेवन, विश्व भर में कैंसर से एक तिहाई मौतों का कारण यही चीजें हैं। इसके अलावा पैराबैंगनी व आयनकारी विकिरण इसका कारण है। दूषित पानी पीना, कुछ वायरस बैक्टीरिया या परजीवि के संक्रमण के कारण यह रोग लग सकता है। जैसे हेलीकोबेक्टर पाइलोरी, हेपेटाइटिस बी वायरस, हेपेटाइटिस सी वायरस आदि। इससे जिगर और गर्भाशय के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा प्रदूषण की अधिकता होना तथा घरों में ठोस ईंधन का उपयोग आदि कैंसर का कारण बनते हैं।

कैंसर से बचने के उपाय

कैंसर की वजह बनने वाले कारकों से बचकर व्यक्ति कैंसर के खतरों को 30 से 50% तक कम कर सकता है। अगर किसी व्यक्ति में कैंसर का पता प्रारंभिक अवस्था में लग जाता है, तो इसे इसका जल्दी निदान करके पर्याप्त उपचार द्वारा कैंसर के इलाज की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा कैंसर का कारण बनने वाले कारकों को रोककर इससे ग्रसित होने की संभावना को रोका जा सकता है। जैसे सिगरेट व तंबाकू का उपयोग न करना, अधिक मोटापे से बचना, अच्छे फल व सब्जियों का अधिक सेवन करना, शारीरिक कार्य अधिक करना, शराब ना पीना, हेपेटाइटिस के टीकाकरण करवाना, यौन संचारित HPV संक्रमण से बचना, पराबैंगनी किरणों से बचना व प्रदूषण से दूर रहना आदि। उपायों द्वारा कैंसर होने से बचा जा सकता है। HPV और हेपेटाइटिस बी के टीकाकरण से हर साल 10 लाख लोगों को कैंसर के खतरे से बचाया जा सकता है।

कैंसर की रोकथाम के लिए कुछ प्राकृतिक उपाय

शरीर में अगर ऐसे भोजन जा रहे हैं, जिनका पाचन सरल नहीं है। या अधिक मात्रा में भोजन खा लिया गया है। तो इस कारण ट्यूमर अधिक बढ़ता है। हमें हल्का भोजन खाना चाहिए, जो सुपाच्य हो साथ ही साथ व्यायाम करना जरूरी है। जिससे श्वेत रक्त कोशिकाएं विकसित हो सके। उपवास करके भी शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकाला जा सकता है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि चीनी का अधिक उपयोग कैंसर के ट्यूमर को बढ़ाता है। इसके अलावा हमें कॉफी, शराब, क्लोराइड, कोल्ड्रिंक्स आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। यह भी कैंसर कोशिकाओं को तेजी से बढ़ने में सहायता करते हैं।

इसके अलावा हमें ताजे फल व सब्जियों का सेवन करना चाहिए। हमें वसा व जीव प्रोटीन का उपयोग कम करना चाहिए। इसके बजाय नारियल जैसे प्राकृतिक तेलों का उपयोग करना चाहिए, जिससे शरीर में कैंसर कोशिकाओं का विकास धीमा हो जाएगा।

कैंसर के शुरुआती लक्षण व इलाज

अगर कैंसर की पहचान जल्दी कर ली जाए, और इलाज शीघ्र शुरू कर दिया जाए तो जीवित रहने की संभावनाएं काफी बढ़ जाते हैं। इस प्रकार इलाज पर खर्च काफी घट जाता है। इसलिए हमें जल्दी कैंसर का पता लगाने व इलाज लेने की व्यवस्थाओं में सुधार करना चाहिए। हमें इसके लिए स्क्रीनिंग को बढ़ावा देना चाहिए। स्क्रीनिंग कई चुनिंदा कैंसर के लिए प्रभावी है, जैसे गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के लिए HPV परीक्षण या PAP कोशिका विज्ञान परीक्षण, स्तन कैंसर के लिए मैमोग्राफी जांच आदि विधियां स्क्रीनिंग के लिए उपयोगी हैं।

उपचार

कैंसर के उपचार के लिए एक विशिष्ट तरीके के उपचार की आवश्यकता होती है। जिनमें सर्जरी, रेडियोथैरेपी और कीमोथेरेपी आदि शामिल है। एक प्रभावी उपचार के लिए सही तरीके का चयन किया जाता है। कैंसर के उपचार का लक्ष्य कैंसर को पूर्णता समाप्त करना होता है, या जीवन को लंबा खींचना है। रोगी की तकलीफों को भी कम करना इसमें शामिल है। इसमें सामाजिक सहायता देखभाल की भी आवश्यकता होती है।

कुछ प्रकार के कैंसर का जल्दी पता लगाकर उनका इलाज संभव है। जिनमें आम तौर पर स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ओरल कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर आदि शामिल हैं। कुछ अन्य प्रकार के कैंसर जिनमें कैंसर की कोशिकाएं अन्य अंगों में फैल जाती हैं, इनके लिए उचित उपचार दिया जाता है। कैंसर के इलाज में रोगी के शरीर में कैंसर के लक्षण कम किए जाते हैं। उसके जीवन की गुणवत्ता में सुधार किए जाते हैं। परशामक देखभाल से रोगी को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक समस्याओं से राहत पाई जाती हैं। प्राथमिक मरीजों के लिए दर्द निवारक रणनीतियां घर पर देखभाल आदि रणनीतियां काम मे लाई जाती हैं। जबकि रोग अधिक बढ़ने पर मौखिक दवाइयों के माध्यम से बेहतर इलाज आवश्यक है।

सभी राष्ट्रीय संगठनों को मिलकर कैंसर जैसे गंभीर रोग की रोकथाम के लिए वैश्विक स्तर पर कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। इसके लिए कैंसर के दौरान होने वाली मुश्किलों को समाप्त करने के लिए वैश्विक उपायों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। प्राथमिक स्तर पर ही कैंसर की जांच को बढ़ावा देना चाहिए, तथा इसके लिए वैश्विक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए। साथ ही साथ कैंसर के कारकों का प्रचार भी किया जाना चाहिए, जिससे समाज एक स्वस्थ दिनचर्या के मार्ग पर चल सके। कैंसर के शीघ्र निदान करने पर बल देना चाहिए। कैंसर के उपचार में सहयोगी उपकरणों का विकास करना चाहिए, तथा वैश्विक स्तर पर इसका वितरण करना चाहिए। ताकि इस रोग द्वारा होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सके। वैश्विक स्तर पर कैंसर के नियंत्रण व रोकथाम पर बातचीत करके इसकी रोकथाम का एजेंडा सेट करना चाहिए, तथा निम्न व मध्यम आय वाले देशों को तकनीकी सहायता दी जानी चाहिए। ताकि वैश्विक स्तर पर इस रोग की रोकथाम की जा सके।
धन्यवाद

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