तनाव (depression) क्या होता है? तनाव मुक्त रहने के उपाय

तनाव (depression) क्या होता है

क्या आप अपने आसपास होने वाली परिस्थितियों की वजह से तनाव महसूस करते हैं? या आप किसी डर की वजह से घबराहट महसूस कर रहे हैं? तो आपके लिए आगे लिखी गई बातों को जानना बहुत आवश्यक है | इनको जान व समझ कर आपके जीवन जीने का तरीका बदलेगा, और आप तनाव मुक्त हो जाएंगे |

आज के समय में इंसान अगर खाली भी बैठता है तो भी वह तनाव महसूस करता है | जबकि लगातार काम में जुटे रहने वाले बहुत से व्यक्ति बिल्कुल तनाव मुक्त रहते हैं | यह इसलिए होता है की, हम उन विषयों के बारे में सोचते हैं हम उनकी टेंशन लेते हैं जिनमें आपके सोचे अनुसार परिवर्तन नहीं हो सकता है | सबसे पहले हमें अपने सोचने का तरीका बदलना होगा हमें अपने जीवन की समस्याओं की एक लिस्ट बनानी होगी | ऐसा करने में आपको अधिक समय लग सकता है, फिर आपको उन्हें दो अलग-अलग भागों में बांटना है, जिनमें एक भाग में आप वह समस्याएं लिखेंगे जिनका समाधान होना संभव है |और दूसरे भाग में वह समस्याएं लिखेंगे जिनके बारे में आप कुछ नहीं कर सकते | उन पर सोचना बेकार है, ऐसी समस्याओं की लिस्ट को आप तुरंत काट दीजिए, कागज पर भी और अपने दिमाग पर भी | अब आप पाएंगे कि आपकी आधी से अधिक समस्याएं समाप्त हो चुकी हैं |और अब आपको सबसे महत्वपूर्ण कार्य करना है | वह लिस्ट उठाइए जिन समस्याओं को आप हल कर सकते हैं | उस लिस्ट को जब आप ध्यान से समझोगे तो आपको ऐसा लगेगा जैसे किसी एक मुख्य समस्या के हल करने के बाद बाकी की सभी समस्याएं अपने आप समाप्त हो रही हैं | तो अब आप अपना पूरा दिमाग तो उस समस्या को हल करने में लगा दीजिए | अब यह समस्या आपके लिए खत्म हो चुकी है, और यह अब आपके जीवन का लक्ष्य और आपका कर्म बन चुका है | इस कार्य को आप पूर्ण करने के लिए दिन रात एक कर दीजिए | 1 दिन ऐसा आएगा जब आपकी सभी समस्याएं समाप्त हो चुकी होंगी | और आपके जीवन जीने का तरीका बिलकुल बदल जाएगा |

व्यक्ति को अपना जीवन एक कलाकार बन कर नहीं जीना चाहिए, बल्कि एक दर्शक बनकर जीना चाहिए | हमारे आसपास जो कुछ हो रहा है इस वजह से हमें अपनी मनोदशा को नहीं बदलना चाहिए | मान लीजिए हमने किसी से फोन पर बात की उसने हमें कुछ ऐसा कहा जिससे हमारा दिमाग खराब हो गया और तब हम तनाव महसूस करने लगते हैं | इसका मतलब यह हुआ कि हमारा दिमाग हमारे खुद के कंट्रोल में नहीं है | कोई बाहर का व्यक्ति कुछ कह कर या किसी कार्य द्वारा हमें तनाव में डाल सकता है | ऐसा व्यक्ति संसार के हाथों की कठपुतली होता है | उसका पूरा जीवन तनावपूर्ण रहता है, और उसके साथ रहने वाले लोग भी दुखी रहते हैं | उसे एक हारा हुआ इंसान कहना सही होगा | लेकिन उसे किसी दूसरे ने नहीं हराया है, उसे उसने खुद हराया है जबकि फोन सुनने वाले व्यक्ति को सामने वाले व्यक्ति की बात को समझना चाहिए था | हो सकता है उसने आप के भले के लिए ही कुछ बताया होगा हर एक बुरी व अच्छी बात से हमें सीख लेनी चाहिए ना की टेंशन |

तनाव आने के कारण

  • उदास मन |
  • अकेलापन लगना |
  • ज्यादा गुस्सा आना |
  • बिस्तर से उठने या नहाने जैसी रुटीन भी आपको मुस्किल लगे |
  • लोगों से मिलना जुलना कम करना |
  • अपने आप से नफरत करना और अपने आप को खत्म कर लेना चाहते हैं |
  • ऐसा लगना कुछ भी ठीक नहीं हो रहा |
  • सिरदर्द रहना

तनाव से जुड़े कुछ तथ्य

  • सामान्य लोगों की तुलना मे तनाव से ग्रसित 10 से 20 साल उम्र कम होना।
  • 14 साल की उम्र से ही तनाव से जूझने लगते है।
  • पूरी दुनिया मे हर 9 व्यक्ति मे से 1 तनाव से ग्रसित होता है।
  • हर साल तनाव से तंग आकर 8 लाख लोग आतमहत्या जैसा कदम उठा लेते है ।

तनाव दूर करने के उपाय

शांत जीवन जीना सीखें

हमने अक्सर लोगों को कहते सुना है कि हमेशा शांत रहना चाहिए | परंतु शांति का मतलब क्या है, यह बहुत कम लोगों को पता है | शांति का मतलब यह है कि हम अधिक दुख होने पर दुखी ना हो, और बहुत अधिक खुशी होने पर ज्यादा खुश ना हो हर परिस्थिति में एक समान बने रहना ही शांति है | और ऐसा तभी संभव है, जब हम एक दर्शक बनकर जीवन जायेंगे हमें परिस्थितियों का गुलाम नहीं बनना है, बल्कि परिस्थितियों को अपना गुलाम बना है |

सकारात्मक सोच

हमें हर कार्य में अच्छाइयां ढूंढनी चाहिए ना की बुराइयां हमें परिस्थितियों से सीख लेनी चाहिए ना कि दुखी होना चाहिए अक्सर हम कोई कार्य करने जाते हैं तो पहले नकारात्मक सोचते हैं ऐसा करने से उनका परिणाम भी नकारात्मक ही निकलता है | उदाहरण के लिए एक छोटी सी कहानी बताता हूं | एक बार रामू का झगड़ा उसके दोस्त मनोज से हो गया | अगले दिन रामू को कहीं दूर जाना था, जिसके लिए उसे साइकिल की जरूरत थी | और उसे साइकिल केवल मनोज ही दे सकता था | रामू के माता-पिता ने कहा जाकर मनोज से साइकिल ले लो पर रामू डर रहा था कि मनोज का तो उससे झगड़ा हो गया है वह उसे साइकिल नहीं देगा | घरवालों के ज्यादा कहने पर वह मनोज से साइकिल लेने के लिए चल पड़ा और रास्ते में बार-बार यही सोचता रहा कि जा तो रहा हूं लेकिन मनोज साइकिल नहीं देगा | उसने मनोज के घर का दरवाज़ा खटखटाया, जैसे ही मनोज बाहर निकला उसे देखते ही रामू बोला “अपनी साइकिल को सिर पर रख रख कर नाच लो”| तो उसका क्या परिणाम निकला होगा वह आप सब समझ ही गए होंगे | तो इसीलिए कहा जाता है, हम जैसा सोचते हैं वैसा ही परिणाम निकलता है | हमें ऐसा विश्वास रखना चाहिए कि जो परिस्थितियां चल रही है, वह सब परमेश्वर की इच्छा से चल रही हैं | यह हमें अच्छी लगे या बुरी परंतु इनमें कोई ना कोई रहस्य अवश्य छुपा हुआ है, जिससे हमारा भला ही होगा | और हमें कुछ सीखने को मिलेगा|

तनाव मुक्त रहने के कुछ अन्य उपाय

  • नियमित रूप से व्यायाम और ध्यान करें |
  • दिन में कुछ समय पेड़ पौधों और पालतू जानवरों के साथ बिताए |
  • खाली समय में विश्राम ज्यादा से ज्यादा करें |
  • संगीत का आनंद लें |
  • दिनचर्या का पालन करें |
  • अपनी वस्तुओं को सही स्थान पर रखें, व सफाई का ध्यान रखें |
  • जितना हो सके स्वयं पर निर्भर रहें |
  • 10 ऐसी चीजों के बारे में लिखें जो आपको खुशी देती हो।

धन्यवाद |

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