उपवास (व्रत) के चमत्कार (Health Benefits of Fasting)

उपवास (व्रत) करने से क्या लाभ हैं? उपवास के चमत्कार

उपवास के फायदे और नुकसान दोनों हो सकते है अगर उपवास के नियम के अनुसार किया जाए तब हमे उपवास के चमत्कार देखने को मिलएगे । बीमारी मात्र मनुष्य के लिए शर्म की बात होनी चाहिए | बीमारी किसी न किसी मानसिक विकार की सूचक है | जिसका तन और मन सर्वदा स्वच्छ है, उसे बीमारी होनी नहीं चाहिए | हम मान बैठे की दवा बिना रोग नहीं जाता, यह हमारा भ्रम है | बीमारी का इलाज जरूरी है लेकिन उसे दूर करने की दवा खाना व्यर्थ है | दवा से नुकसान ही नुकसान है | यह उपरोक्त कथन गांधी जी द्वारा कहा गया है |

जरूरत से अधिक खाना और पौष्टिक आहार का अभाव स्वास्थ्य खराब होने का मुख्य कारण है | ऐसे में छोटे-छोटे रोग पैदा हो जाते हैं | मनुष्य समय से पहले बूढ़ा दिखने लगता है | इससे चेहरे की सुंदरता का अभाव, चेहरे पर झुरिया, दाँत टेढ़े मेढ़े होना, स्वभाव में रूखापन आदि आ जाता है | प्राकृतिक चिकित्सकों का कहना है कि रोगों का मुख्य कारण गलत खान पान है | और पेट की समस्याओं को समाप्त करने के लिए उपवास (व्रत) करना आवश्यक है | मनुष्य अपने कार्यभार के चलते ठीक से खान पान पर ध्यान नहीं दे पाता है | जिससे वह कच्चा-पक्का कम चाबाया हुआ भोजन खा लेता है | वह भोजन पेट में पड़ा-पड़ा सड़ने लगता है, तथा उस से रोग उत्पन्न हो जाते हैं | हमें ऐसा बिल्कुल नहीं समझना चाहिए कि जिस दिन उपवास किया है, उस दिन तो भूखा रहें, और अगले दिन या उससे पहले वाले दिन आवश्यकता से अधिक खा लें क्योंकि आवश्यकता से अधिक खाया गया भोजन रोगों में परिवर्तित हो जाता है |

उपवास से शरीर में नव स्फूर्ति पैदा होती है | इससे मानसिक व शारीरिक आराम मिलता है | उपवास करने से पाचन शक्ति दुरुस्त होती है, और भोजन अच्छी प्रकार पच जाता है | जिससे शरीर की शक्ति कायम रहती है| इससे शरीर में वसा अथवा मोटापा धीरे-धीरे समाप्त होना आरंभ हो जाता है | गीता में कहा गया है की उपवास रखने से विषय-विकारों से निजात मिलती है, और बहुत बड़ा मानसिक लाभ मिलता है | उपवास से रोग नष्ट हो जाते हैं | प्राकृतिक चिकित्सकों द्वारा कहा गया है की बीमारी को भूखा मारो |

उपवास (व्रत) अलग-अलग प्रकार के होते हैं, जो इस प्रकार हैं |

पाचन शक्ति ठीक करने के लिए पाचक उपवास किया जाता है | इसमें तब तक भोजन नहीं करना चाहिए जब तक कड़ाके की भूख न लग जाए | और इसमें केवल नींबू का रस और पानी ही लेना चाहिए | मानसिक विकारों के लिए शामक उपवास किया जाता है | यह व्रत करने वाले को दूध लस्सी वह फलों का रस लेना चाहिए आतम शुद्धि के लिए मौन व्रत पूजा प्रार्थना आदि करनी चाहिए | पापों के प्रायश्चित के लिए पावक उपवास किया जाता है | इसमें केवल जल ग्रहण करना चाहिए, और भविष्य में ऐसा न करने का संकल्प लेना चाहिए | जब शरीर को भोजन की जरूरत हो उस समय भोजन नहीं देना भूखा रहना कहलाता है | और शरीर में इकट्ठे हुए दूषित पदार्थों को निकालने के लिए भोजन छोड़ देना उपवास कहलाता है | उपवास करने के पश्चात गुर्दे, फेफड़े, त्वचा आदि शरीर के कई अंग पहले से कई गुना सशक्त हो जाते हैं |

उपवास से सावधानियां

उपवास के दौरान शरीर द्वारा पहले से इकट्ठे किए गए भोजन का इस्तेमाल किया जाता है | अतः यह ध्यान में रखना चाहिए कि उपवास ज्यादा दिन तक ना करें, नहीं तो यह हानिकारक सिद्ध हो सकता है | उपवास स्त्री व पुरुष दोनों के लिए ही लाभदायक है | उपवास के दौरान कई बातों का ध्यान रखना अति आवश्यक है |

उपवास के दौरान स्त्री व पुरुषों को एक दूसरे के कामकाज में सहयोग करना चाहिए। उपवास के दौरान हमेशा जल अधिक से अधिक ग्रहण करना चाहिए | बाजार से लाए हुए और ड्रिंक सोडा आदि का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए | अगर चाहे तो गर्म पानी में शहद मिलाकर ग्रहण कर सकते हैं, अथवा फलों का रस पीना लाभदायक होता है |

उपवास के दिन और रात्रि में जल्दी सो जाना चाहिए तथा प्रातः काल जल्दी उठ जाना चाहिए, एवं संयम भी बरतना चाहिए |
कभी-कभी उपवास करने वाले व्यक्ति को सिर में दर्द आदि हो सकता है | लेकिन यह अपने आप ही ठीक हो जाते हैं, इसमें घबराना नहीं चाहिए | दूध फल आदि भोजन इसमें लिए जा सकते हैं |

उपवास के दिनों में अधिक शारीरिक श्रम नहीं करना चाहिए, और उपवास समाप्त होने पर बिल्कुल हल्का भोजन करना चाहिए जो कि आसानी से पच सके |

उपवास के अनेकों फायदे हैं।

उपवास करने से आर्थराइटिस, अस्थमा, उच्च रक्तचाप, हमेशा बनी रहने वाली थकान व कमज़ोरी, कोलाइटिस, स्पास्टिक कोलन, इरिटेबल बॉवेल, लकवे आदि के कई प्रकारों के रोगों में लाभ मिलता है,साथ-साथ कई तरह की मानसिक बीमारियों में फ़ायदेमंद साबित होता है। माना जाता है कि इससे कैंसर की बीमारी भी ठीक हो जाती है क्योंकि उपवास से ट्यूमर के टुकड़े तक हो जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि उपवास देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए किए जाते हैं | परंतु यह कहना भी गलत नहीं होगा कि उपवास करने से मनुष्य की शारीरिक व मानसिक शक्तियों का विकास होता है |

धन्यवाद |

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