राष्ट्रीय हिंदी दिवस कब मनाया जाता है हिंदी दिवस पर प्रतिवेदन

हिंदी दिवस पर प्रतिवेदन, 14 सितंबर

किसी देश का साहित्य और भाषा उस देश  की जनता और समाज का दर्पण होता है। आज विश्व भर में 6000 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं, जिनमें से 2200 से अधिक भाषाएं अकेले एशिया में बोली जाती हैं। हिंदी भाषा चीनी और अंग्रेजी के बाद विश्व की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।

सन 1946 में जब संविधान के निर्माताओं के सामने राष्ट्र भाषा के चयन का प्रश्न खड़ा हुआ तो उनके सामने हिंदी ही सबसे अच्छा विकल्प था। उस समय कुछ लोगों ने इस बात का विरोध भी किया था। परंतु अंतिम निर्णय के अनुसार हिंदी व अंग्रेजी को ही आधिकारिक रूप से राष्ट्र की भाषा चुना गया।

हिन्दी दिवस के दिन सभी स्कूल और कॉलेज मे हिन्दी दिवस पर निबंध, हिन्दी दिवस पर स्पीच, और हिन्दी दिवस पर लेख आदि लिखे जाते है । आशा है इस हिंदी दिवस का महत्व पर निबंध के माध्यम से उन सभी विद्यार्थियों को लाभ पहुचेगा ।

राष्ट्रीय हिंदी दिवस कब मनाया जाता है? 

हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है, क्योंकि इस दिन हिंदी भाषा को भारत की राज्य भाषा का दर्जा दिया गया था। संविधान सभा ने 14 सितंबर, 1949 को अनुच्छेद 343 के तहत हिंदी भाषा को संघ की राज्य भाषा के लिए चुना गया।

राष्ट्र भाषा प्रचार समिति की सिफारिश पर पूरे देश में 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है, जबकि पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2006 में हुई।

हिंदी का इतिहास

समय के साथ साथ समाज भाषा और साहित्य में परिवर्तन आना स्वभाविक ही है। हिंदी का इतिहास बहुत प्राचीन है। हिंदी का इतिहास वैदिक काल से ही चला आ रहा है। समय के साथ साथ इसके नाम व स्वरूप में बदलाव आता रहा है, पहले वैदिक फिर संस्कृत कभी प्राकृतिक कभी अपभ्रंश और यह सफर चलते चलते हिंदी पर आ गया है।

हिंदी भाषा का आज का स्वरूप प्राकृत भाषा  के अपभ्रंश से माना जाता है। हिंदी का आरंभ आठवीं शताब्दी से माना जाता है। आधुनिक काल में  प्रचलित हिंदी पर भारतेंदु हरीशचंद्र की रचनाओं का काफी प्रभाव है। उन्होंने गद्य की कठिन भाषा को सरल व स्पष्ट शब्दों में दर्शाया, उन्हें आधुनिक हिंदी गद्य का प्रवर्तक भी माना जाता है।

विश्व में हिंदी का स्थान

हिंदी भाषा अधिकतर भारत में ही बोली जाती है। लेकिन भारत के लोग विश्व के कोने-कोने में फैले हुए हैं। विश्व के 150 से अधिक देशों में 2 करोड़ से अधिक भारतीय रहते हैं, तथा वे सभी आर्थिक रूप से समृद्ध हैं। इस कारण विश्व में  हिंदी तेजी से फैल रही है। हिंदी भाषा चीनी और अंग्रेजी के बाद सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।

हिंदी भाषा भारत की राज्य भाषा होने के साथ-साथ फिजी देश की भी राज्य भाषा है। इसके अलावा यह भाषा कई देशों की क्षेत्रीय भाषा है, हिंदी भाषा को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा बनाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। हिंदी भाषा यूनेस्को की 7 भाषाओं में शामिल है।

मॉस्को देश हिंदी भाषा के पठन-पाठन के क्षेत्र में प्रमुख है। मॉस्को विश्वविद्यालय में हिंदी भाषा में स्नातक, स्नातकोत्तर व पीएचडी भी की जा सकती है। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, चीन आदि कई देशों में भी हिंदी पढ़ने की सुविधा उपलब्ध है। हिंदी फिल्मों के बाजार ने दुनिया भर में अपनी जगह बनाई है। भारत सरकार और मॉरिशस सरकार ने मिलकर मॉरीशस देश में विश्व हिंदी सचिवालय की स्थापना भी की है। जिससे हम कह सकते हैं कि, विश्व में हिंदी को आदर व सम्मान मिला है।

हिंदी के सामने चुनौतियाँ

हिंदी भाषा को सबसे बड़ी चुनौती व्यवसाय क्षेत्र दे रहा है। रोज़गार क्षेत्र में हिंदी के बजाए अंग्रेजी को अधिक महत्व दिया जाता है। इसलिए देश के युवा मातृभाषा से दूर हटते जा रहे हैं। परिणामस्वरूप हिंदी नए भारत की संवाद भाषा नहीं बन पा रही है। आज के इस भूमंडलीकरण के युग में हिंदी भाषा अंग्रेजी से कहीं ना कहीं पर पिछड़ती हुई नजर आ रही है। हिंदी भाषा ने देश को साहित्य और सामाजिक क्षेत्र में पूरी दुनिया में पहचान दिलाई है।

हिंदी भाषा के साहित्य को जीवित रखने के लिए देश भर में सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है। हिंदी को समृद्ध बनाने के लिए इसे ज्ञान की भाषा बनाना बहुत जरूरी है। आज सभी विज्ञान विषय शोध कार्य अधिकतर अंग्रेजी भाषा में ही होते हैं। इसी दौड़ में हिंदी भाषा कहीं न कहीं पिछड़ रही है। यह भी एक बड़ी विडंबना है कि, कई राजनीतिक व सामाजिक कारणों से देश के कुछ लोग हिंदी का विरोध करते हैं। यह समस्या हिंदी के रास्ते में बहुत बड़ी बाधा है। हिंदी भाषा को समृद्ध करने के लिए उसे लोगों के दिलों में  बसाना होगा।

हिंदी भाषा को सम्मान दिलाने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयास

  • 2011 के जनसंख्या संबंधी आंकड़ों के अनुसार भारत में लगभग 41% लोगों की मातृभाषा हिंदी है, तथा 75% से अधिक लोग हिंदी भाषा पढ व समझ सकते हैं।
  • 10 मई, 1963 को राज भाषा अधिनियम लाया गया, जिसके अनुसार हिंदी राज्य भाषा व अंग्रेजी को सहायक भाषा बनाया गया।
  • 1967 में केंद्रीय हिंदी समिति का गठन किया गया।
  • 1971 में केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो का गठन किया गया।
  • 1975 मैं गृह मंत्रालय ने एक स्वतंत्र राज भाषा विभाग बनाया, इसका कार्य दूसरे विभागों के साथ मिलकर राज्य भाषा संबंधी संविधान प्रावधानों का पालन करवाना था।
  • 1976 में राज्य भाषा संसदीय समिति का गठन किया गया।
  • 1985 में केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान बनाया गया।

हिंदी दिवस की विशेषताएं तथा रोचक बाते

  • हिन्‍दी भाषा विश्‍व में चौथी ऐसी भाषा है, जिसे सबसे ज्‍यादा लोग बोलते हैं।
  • फिजी नाम का एक द्वीप में हिन्‍दी को आधाकारिक भाषा का दर्जा दिया गया है
  • सन् 2017 में ऑक्‍सफोर्ड डिक्‍शनरी में “अच्छा, बड़ा दिन, बच्चा और सूर्य नमस्कार” हिन्‍दी शब्‍दों को शामिल किया गया ।
  • हिन्दी भाषा का इतिहास लगभग एक हजार साल पुराना है।
  • इंटरनेट की दुनिया मे अब सर्च इंजन गूगल में भी हिन्दी भाषा को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि घर घर तक लोग आसानी से इंटरनेट का उपयोग कर सके और जादा जानकारी ले सके ।

हाल ही के कुछ वर्षों में देखा जाए तो, सोशल मीडिया के युग में हिंदी का प्रचार व प्रसार फैला है। देश में व विदेशों में हिंदी भाषा के पाठकों श्रोताओं और दर्शकों की संख्या में बहुत इज़ाफा हुआ है। हिंदी समाचार पत्रों को पढ़ने वाले पाठकों की संख्या बढ़ी है। आज देश के 15 सबसे बड़े अखबारों को पढ़ने वाले लोगों की संख्या लाखों में है।

आज भारत में कारोबार की संभावनाएं जोर पकड़ती जा रही हैं। इस कारण बहुत सी कंपनियां अपने कर्मचारियों को हिंदी का ज्ञान दे रही हैं। कई विदेशी विश्वविद्यालयों में भी हिंदी पढ़ाई जा रही है।

फिर भी कुछ लोगों के मन में हिंदी के प्रति दुर्भावना है, इसीलिए इस भाषा के उत्थान में कई दिक्कतें बनी हुई हैं। हिंदी को अगर सम्मान दिलाना है तो, इसे व्यक्ति के रोज़गार से जोड़ना होगा। ऐसा करने के बाद यह भाषा लोगों के दिलों से जुड़ जाएगी। हिंदी भाषा को केवल भावनात्मक समर्थन नहीं चाहिए, बल्कि इस के उत्थान के लिए सही व कारगर उपाय किए जाने चाहिए।

धन्यवाद

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