मानव मस्तिष्क के कुछ रोचक तथ्य

मानव मस्तिष्क के कुछ रोचक तथ्य Amazing facts about human brain.

इंसानी दिमाग दुनिया की सबसे जटिल पहेली है, यह ब्रह्मांड में मौजूद किसी भी अन्य चीज से अधिक जटिल है। इसके जरिए मनुष्य ने अपने वर्तमान को बनाया है। मानव मस्तिष्क ने ऐसी ऐसी चीजें बनाई हैं जिससे कि वह तरक्की के शिखर तक जा रहा है। परंतु मानव मस्तिष्क ने स्वयं के बारे में अभी तक भी पूरी जानकारी प्राप्त नहीं की है। मनुष्य मस्तिष्क की बाहरी बनावट, इसकी रासायनिक संरचना आदि का तो अध्ययन कर सकता है। परंतु इसकी असीम क्षमता के बारे में नहीं जान पाया।

मनुष्य नहीं जान पाया है कि, वह अपने दिमाग को किस हद तक तेज बना सकता है, तथा उससे कितना कुछ ज्ञान प्राप्त कर सकता है। वैसे तो मानव मस्तिष्क की जटिलताओं के बारे में मनुष्य अधिक कुछ नहीं जान पाया है, परंतु जितना भी जान पाया है, उनमें से कुछ मानव मस्तिष्क के कुछ रोचक तथ्य के बारे में आइए हम जानने का प्रयास करते हैं। जिससे कि हमारी खुद को जानने की इच्छा जागृत होगी तथा हम अपने मस्तिष्क के बारे में, उसकी क्षमताओं के बारे में जानने का और अधिक प्रयास कर सकेंगे।

मानव मस्तिष्क से संबंधित प्रश्न

क्या दिमाग को दर्द महसूस होता है?

नहीं, मस्तिष्क में दर्द का पता लगाने वाले पेन रिसेप्टर्स नहीं होते हैं। परंतु दिमाग शरीर के किसी भी अन्य अंग में हो रहे दर्द का पता लगा लेता है। सिर का दर्द कुछ रासायनिक परिवर्तनों, सिर व गर्दन की नसों की वजह से होता है। परंतु इसमें भी दिमाग की मांसपेशियों में दर्द महसूस नहीं होता है?

मस्तिष्क का आकार व वजन कितना होता है?

एक व्यक्ति व्यक्ति के मस्तिष्क का वजन लगभग 1.4 किलोग्राम होता है, तथा यह मनुष्य के भार का लगभग 2% के बराबर होता है। एक आदमी के मस्तिष्क का आयतन 1274 क्यूबिक सेंटीमीटर तथा एक औरत के मस्तिष्क का घनत्व 1131 क्यूबिक सेंटीमीटर होता है। मस्तिष्क का 75% भाग केवल जल होता है, यदि आकार की दृष्टि से देखा जाए तो मनुष्य का मस्तिष्क अन्य जीवो में सबसे बड़ा है। मनुष्य के मस्तिष्क में लगभग 10,000 अलग-अलग तरह के 85 अरब न्यूरॉन होते हैं। प्रत्येक न्यूरॉन दूसरे न्यूरॉन के साथ हजारों कनेक्शन से जुड़ा रहता है। जिससे वह जानकारी का आदान प्रदान करता है।

मनुष्य मस्तिष्क की याददाश्त क्षमता कितनी है?

व्यक्ति जो कुछ देखता सुनता महसूस करता है, मस्तिष्क उसमें से सिर्फ जरूरी जानकारी को याद रखता है तथा गैर जरूरी जानकारी को भुला देता है। एक शोध के अनुसार दिमाग की हर एक कोशिका की मेमोरी क्षमता 4.7 बीट होती है। मनुष्य का मस्तिष्क कितना डाटा स्टोर कर सकता है, इसका भी कोई प्रमाण नहीं है। यह माना जाता है कि इसके स्टोरेज पावर अनलिमिटेड है।

मानव मस्तिष्क में वृद्धि और विकास कब तक होता है?

मनुष्य जीवन के पहले वर्ष में दिमाग का आकार 3 गुना बढ़ जाता है तथा इसके बाद 18 वर्ष की आयु तक बढ़ता रहता है। 18 वर्ष की आयु तक मनुष्य की 100% IQ का विकास हो जाता है। मनुष्य का दिमाग जीवन के पहले 5 सालों में 95% विकसित हो चुका होता है। जहां तक सीखने की बात है, सीखता व्यक्ति जीवन भर है। व्यक्ति का संज्ञानात्मक विकास जीवन भर होता रहता है। वह 30 की उम्र में समस्या समाधान सीखता है। 40 से 50 की उम्र में भनाओं पर नियंत्रण रखना सीखता है।

मानव मस्तिष्क को उर्जा कैसे मिलती है?

मनुष्य का मस्तिष्क आकार में छोटा है, परंतु यह शरीर की कुल एनर्जी का 20% उपयोग करता है, तथा ऑक्सीजन का भी 20% उपयोग करता है। हमारे दिमाग को लगातार ऑक्सीजन की जरूरत होती है। यदि केवल 5 मिनट के लिए दिमाग में ऑक्सीजन में पहुंचे तो इसके बहुत से न्यूरॉन मर जाते हैं। बच्चा जब जन्म लेता है, तो उसके तुरंत बाद रोना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि ऐसा करने से उसके दिमाग तक ऑक्सीजन पहुँचती है, तथा मस्तिष्क के न्यूरॉन जिंदा रह सकते हैं। मस्तिष्क से 12 से 25 वोल्ट बिजली उत्पन्न करता है, जिससे कि एक बल्ब भी जलाया जा सकता है।

मानव मस्तिष्क कितनी गति से कार्य करता है?

मानव मस्तिष्क की कार्य करने की गति बहुत तेज है, यह आँखो द्वारा देखी गई वस्तु के बारे में 13 मिली सेकंड में पता लगा सकता है। मस्तिष्क में किसी भी जानकारी व सूचना के आदान प्रदान की गति 180 मील प्रति घंटा है। शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ का सेवन करने से यह क्षमता कम हो जाती है।

क्या दिमाग एक साथ दो कार्य कर सकता है?

नहीं मानव मस्तिष्क एक साथ दो कार्य नहीं कर सकता है, यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता हुआ दिखाई देता है तो इसका मतलब है कि वह तेज गति से एक कार्य से ध्यान हटाकर दूसरे पर लगाता है तथा बार-बार अपने ध्यान को एक दूसरी वस्तु पर बदलता रहता है। जिससे कि एक साथ दो कार्य करने का भ्रम पैदा होता है।

क्या दिमाग कभी आराम करता है?

जब हम सो रहे होते हैं, उस समय भी हमारा दिमाग कार्य करता रहता है। कुछ अनैच्छिक क्रिया है, जैसे भोजन का पचना, हृदय का धड़कना, सांस लेना आदि कार्य चलते रहते हैं। इसके अलावा हमारी दिनचर्या में आई कुछ समस्याएं, उनके बारे में भी दिमाग में विचार बनते बिगड़ते रहते हैं। जब तक कि किसी उचित निष्कर्ष तक पहुंच न जाए, इसी कारण हमें कई बार रात्रि में स्वप्न आते हैं।

मनुष्य को सपने क्यों आते हैं?

व्यक्ति की दिनचर्या में होने वाली कुछ समस्याएं जो कि हल ना हुई हो या कुछ ऐसी घटनाएँ जिस पर हमने ज्यादा गौर किया हो, हमें स्वप्न में फिर से दिखाई देते हैं। जोकि पहले की घटनाओं के साथ जुड़कर एक कहानी का रूप ले लेते हैं। सपने में हमें कभी भी रंग दिखाई नहीं देते हैं, सपने सिर्फ ब्लैक एंड वाइट होते हैं।

अब तक का सबसे पुराना मस्तिष्क कौन सा मिला है?

आज तक का सबसे पुराना मस्तिष्क लगभग 5000 वर्ष पुराना है, जो कि अर्मानिया की एक गुफा में सुरक्षित पाया गया, यह एक 14 वर्ष की लड़की का मस्तिष्क है, जो वहां के वातावरण के कारण सुरक्षित बच पाया है।

क्या मनुष्य अपने मस्तिष्क की क्षमताओं को बढ़ा सकता है?

मानव मस्तिष्क में असीम क्षमता हैं, व्यक्ति मस्तिष्क का जितना अधिक इस्तेमाल करेगा उतने ही दिमाग में नए न्यूरॉन बनेंगे तथा उनके बीच मजबूत संपर्क सूत्र बनेंगे। इससे हमारे दिमाग की क्षमता बढ़ती जाएगी, जब हम कोई चीज सीखने का बार-बार प्रयास करते हैं तो, उस समय हमारे मस्तिष्क में न्यूरॉन्स के बीच संपर्क स्थापित होने लगते हैं, और जब वे मजबूत हो जाते हैं, तब हमारा उस कार्य का अभ्यास अच्छा हो जाता है। जैसे कि हम बाइक चलाना सीखते हैं, उस समय हमें गियर डालना याद रखना पड़ता है, परंतु अभ्यास के बाद हम बिना कुछ याद किए आसानी से गियर बदल सकते हैं।

क्या दिमाग किसी याद की हुई वस्तु को भूल सकता है?

जब तक कोई दिमागी चोट ना लग जाए तब तक कोई सीखा हुआ कार्य दिमाग नहीं भूल सकता है। उदाहरण के लिए यदि मनुष्य को एक बार साइकिल चलाना आ गया तो वह चाह कर भी साइकिल चलाना भूल नहीं सकता है।

दिमाग क्या कार्य करता है?

दिमाग हमारे शरीर के फेफड़े, दिल, किडनी आदि को कंट्रोल करता है। हमारे शारीरिक क्रियाओं को संतुलित रखता है, जैसे तापमान, भूख लगना, जल की मात्रा, आदि। इसके अलावा भी कई कार्य जैसे ज्ञान, बुद्धि, तर्क शक्ति, विचार करना, निर्णय करना, स्मरण करना, प्रतिक्रिया देना आदि दिमाग के कार्य हैं।

दिमाग के बारे में ऐसा बहुत कुछ है जो कि वैज्ञानिक का आज तक भी समझ नहीं पाए हैं। मनुष्य अभ्यास द्वारा अपने दिमाग की शक्तियों व क्षमताओं को बढ़ा सकता है। मस्तिष्क का जितना अधिक से अधिक उपयोग किया जाएगा उतनी ही व्यक्ति के मस्तिष्क की क्षमता बढ़ेगी।
धन्यवाद

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