राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day)

आज के इस युग मे टेक्नॉलजी का बहुत बड़ा योगदान है| देश के हर क्षेत्र मे किसी न किसी तरह हम टेक्नॉलजी से घिरे हुए है, कही न कही ये हमारे लिए और देश के लिए अच्छा भी है, कियूकी हम अब टेक्नॉलजी के माध्यम से बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहे है, और जल्द ही एक बड़ी शक्ति बनकर उभरेगे|

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day) का अर्थ क्या है

इस दिन को मनाने का उद्देश्य देश में विज्ञान व तकनीकी को प्रोत्साहित करना है| युवाओं को नए अविष्कारों के प्रति प्रोत्साहित करना तथा इसके अलावा विकास परियोजनाओं में कार्यरत लोगों को सम्मानित व प्रोत्साहित करना है|

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस कब मनाया जाता है

हर वर्ष संपूर्ण भारत वर्ष में वैज्ञानिक उन्नति के उप लक्ष्य में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 11 मई को मनाया जाता है| यह दिन देश के महान वैज्ञानिकों व इंजीनियरों आदि की महान उपलब्धियों के लिए मनाया जाता है| तथा इस दिन उन्हें सम्मानित किया जाता है| 1999 के बाद से भारतीय प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) द्वारा मनाया जाता है| भारत में किए गए ऐसे अविष्कारों जिन्होंने भारत में सकारात्मक प्रभाव डाला है, को प्रोत्साहित किया जाता है, तथा कई प्रकार के कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं| हर वर्ष इस दिन के लिए एक विषय का चयन किया जाता है|

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2020 की थीम

  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2020 theme में इसका थीम ‘Women in science’ रखा गया है|
  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2019 थीम(theme) में इसका थीम ‘Science for people and people for science’ था|
  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2018 थीम(theme) में इसका थीम ‘Science and technology for sustainable future’ रखा गया था|

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day) क्यों मनाया जाता है|

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के बारे में जितना बोला जाए वह कम होगा 11 मई 1998 को पोखरण राजस्थान में परमाणु बमों का सफल परीक्षण किया गया था| इसलिए यह दिन को 1998 के परमाणु शक्ति परीक्षण की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है| इस परीक्षण रेंज में भारत द्वारा किए गए 5 परमाणु बम परीक्षणों की श्रृंखला थी| इस परीक्षण का नेतृत्व एयरोस्पेस इंजीनियर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था| इसके बाद भारत परमाणु शक्ति के रूप में उभर कर सामने आया, प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने भारत को ‘परमाणु क्लब’ राष्ट्रों में शामिल होने वाला छठा देश घोषित किया, इसके अलावा इस दिन 1998 में CSIR-NAL द्वारा डिजाइन किए गए व विकसित किए गए भारत के घरेलू विमान हंसा-3 को बेंगलुरु में उतारा गया| इसका उपयोग पायलट प्रशिक्षण में किया जाता है| इसके अलावा इसका उपयोग फ्लाइंग क्लब द्वारा व जहाजों की देखरेख में, खेलों के लिए किया जाता है| इसके अलावा रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने इस दिन त्रिशूल मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया था| यह मिसाइ धरातल से हवा में मार करती है|

आपको इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए की 1974 में भारत ने ‘स्माइलिंग बुद्धा’ नाम का भारत का पहला परमाणु परीक्षण किया| दूसरा परमाणु परीक्षण 5 परमाणु बम परीक्षण की श्रृंखला थी, जो 1998 में सेना के पोखरण टेस्ट रेंज में किया गया था| इनमें से पहला एक fusion bomb था अन्य विखंडन बम fission bomb थे| यह ऑपरेशन शक्ति-98 के नाम से जाना जाता है| इनमें दो का परीक्षण 11 मई को हुआ तथा 13 मई को दो अन्य परीक्षण किए गए|

भारत में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day)

भारतीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर हर वर्ष भारतीय प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड तकनीकी विकास में अपना योगदान देकर देश को आगे बढ़ाने में मदद देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करता है| युवाओं को देश के हाथ मजबूत करने के लिए विज्ञान व तकनीकी में अपना योगदान देना चाहिए उन्हें नए नए आविष्कार करने चाहिए, ताकि भारत एक बार फिर से विश्व गुरु बन सके भारत के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो उन्हें सही तरीके से उपयोग में लाने की| मेरा सभी से यही अनुरोध है कि भारत के हाथ तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए सदैव कार्यरत रहे|

चलते चलते हम राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य के ऊपर नजर डाल लेते है |

  • 11 मई 1998 को हंस-3 का परीक्षण बैंगलोर मे किया गया था|
  • इसी दिन त्रिशूल मिसाइल का भी सफलता पूर्वरक परीक्षण किया गया था|
  • ऑपरेशन शक्ति (पोखरण -II) का परीक्षण|
  • परमाणु क्लब में शामिल होने वाला छठा देश बना|

जानकारी से सम्बंधित – https://dst.gov.in/national-technology-day

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