भारत के मुकाबले दुनिया की 10 सबसे कमजोर करेंसी

भारत के मुकाबले विश्व की 10 सबसे कमजोर मुद्रा करेंसी World’s 10 weakest currencies against India

यह बात हम सब जानते हैं कि आज विश्व भर में ज्यादातर यूएस डॉलर($) प्रचलन में है। आप यूएस डॉलर का प्रयोग किसी भी देश में कर सकते हैं। विश्व का अधिकतम अंतर्राष्ट्रीय व्यापार यूएस डॉलर में ही होता है। इसे वर्ल्ड रिजर्व करंसी भी कहा जाता है। मांग और पूर्ति के सिद्धांत के अनुसार किसी वस्तु की मांग जितनी अधिक होती है, उसके मूल्य में भी उतनी ही वृद्धि हो जाती है। इसी सिद्धांत के अनुसार किसी भी देश की मुद्रा का मूल्य निर्धारित होता है।

किसी देश कि मुद्रा मज़बूत या कमज़ोर किस आधार पर होती है ?

देश की मुद्रा की कीमत कई बातों पर निर्भर करती है। इसमें सबसे पहले देश की आर्थिक व राजनीतिक स्थिति आती है। अगर देश आर्थिक व राजनीतिक रूप से मजबूत है तो विदेशी कारोबार को बढ़ावा मिलता है। क्योंकि वहां पर भविष्य की संभावनाएं सुरक्षित होती हैं, जिससे विदेशी मुद्रा देश में आती हैं। जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार करने में आसानी होती है। जिन देशों में कच्चा तेल बाहर से मंगवाया जाता है, उन्हें कच्चे तेल का भुगतान यूएस डॉलर में करना पड़ता है। जिससे इसकी मांग बढ़ती है, जिससे विदेशी मुद्रा की मांग बढ़ती है, तथा उस देश की मुद्रा कमजोर होती हैं। इसके अलावा किसी देश में व्यापार घाटा भी मुद्रा की कीमत को प्रभावित करती है। अगर किसी देश में आयात निर्यात से अधिक हो तो वहां पर देश की मुद्रा कमजोर हो जाती हैं।

भारत की मुद्रा को हम जिसे रुपया बोलते है उसी को दुनिया मे INR से जाना जाता है ।

आजादी के समय भारत के एक रुपए की कीमत $1 के बराबर थी। परंतु धीरे-धीरे यह कीमत घट रही है, क्योंकि देश को अपने आयात के लिए सारे शुल्क यूएस डॉलर में चुकाने पड़ते हैं। जिससे यूएस डॉलर की कीमत बढ़ जाती है। रुपए की कीमत निर्धारण के लिए आरबीआई ने कुछ नियम निर्धारित कर रखे हैं, जिससे कि रुपए की कीमत में स्थिरता बनी रहे व महंगाई भी ना बढ़े। फिलहाल $1 की कीमत 73.45INR के बराबर है, जो हर दिन घटती बढ़ती रहती है।
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भारत के मुकाबले विश्व के 10 सबसे कमजोर मुद्रा वाले देश

विश्व के कई ऐसे देश हैं जहाँ की करेंसी भारतीय मुद्रा से काफी ज्यादा कम है, जहाँ हमारे भारतीय 1 रुपये की कीमत 100 रुपये से लेकर 500 रुपये या इससे भी अधिक है। आइए ऐसी स्थिति वाले 10 प्रमुख देशों के बारे में जानते हैं।

1. वेनेजुएलन बॉलिवर Venezuelan Bolivar

1 VEF = 0 INR
1 INR = 3385.7 VEF

वेनेजुएला दक्षिण अमेरिका में स्थित देश है। 2020 में COVID19 की वजह से वेनेजुएलन बोलीवर की मुद्रा को काफी नुकसान पहुंचा है। इस देश की करेंसी विश्व में सबसे कमजोर करंसी हैं। 2018 में बोलीवर का पुनर्विकास किया गया। इस की पुरानी करेंसी को नई से बदला गया। इसके लिए 1नया VEF = 1 लाख VEF से बदला गया। यहां पर डॉलर से मुकाबला करने के लिए क्रिप्टोकरंसी बनाई गई, परंतु इससे भी कुछ खास असर नहीं पड़ा तथा लगातार वेनेजुएलन बोलीवर की स्थिति खराब बनी हुई है।

2. ईरानी रियल Iranian Rial

1 IRR = 0.002 INR
1 INR = 573.7 IRR

यह देश दक्षिण पूर्वी एशिया में स्थित है। ईरानी रियल विश्व की दूसरी सबसे कमजोर करेंसी है। 1978 की इस्लामी क्रांति के बाद यहां की करेंसी में काफी गिरावट आई। यहां पर बहुत से विदेशी व्यापारी देश छोड़कर चले गए इसके अलावा ईरान इराक युद्ध ने भी इस की मुद्रा को बहुत नुकसान पहुंचाया है। फलस्वरूप रियाल को टोमन बदलने का फैसला किया गया है। जिसकी कीमत 10000 पुराने रियाल के मुकाबले एक नया टोमन होगा।

3. वियतनामीज़ डोंग Vietnamese Dong

1 VND = 0.00316926 INR
1 INR = 315.531 VND

वियतनाम दक्षिणी पूर्वी एशिया में स्थित देश है। वियतनामी बाजार के लिए कठिन समय चल रहा है। जिससे वहां की मुद्रा का बहुत ही अवमूल्यन हुआ है। माना जा रहा है कि वहां की सरकार अच्छे प्रयास कर रही है, जिस कारण मुद्रा में सुधार की संभावना है।

4. इंडोनेशियन रूपीया Indonesian Rupiah

1 IDR = 0.00497941 INR
1 INR = 200.827 IDR

इंडोनेशिया दक्षिण पूर्वी एशिया में स्थित है। यह एक विकसित देश है, परंतु फिर भी इसकी मुद्रा की विनिमय दर काफी कम है। वहां की सरकार ने मुद्रा को मजबूत करने के लिए काफी प्रयास किए हैं, लेकिन वह बेअसर रहे हैं। सरकार ने 2016 में 1 हजार से 100 हजार तक मूल्य के साथ नए नोट जारी किए थे।

5. उज़्बेक सम Uzbek Sum

1 UZS = 0.00708393 INR
1 INR = 141.165 UZS

उज़्बेकिस्तान एशिया में स्थित एक गरीब देश है। मुद्रा उदारीकरण की नीति के कारण यहां की मुद्रा की कीमत काफी कम है। 1994 में एक आधुनिक सम के बराबर 1 हजार सम कूपन को बदला गया था। परंतु फिर भी यहां की मुद्रा में खास सुधार नहीं नजर आया।

6. सिएरा लेओनेयन लियोन Siesra Leonean Leone

1 SLL = 0.00733053 INR
1 INR = 136.416 SLL

सिएरा लियोन पश्चिमी अफ्रीका में स्थित एक देश है। यह अफ्रीका का सबसे गरीब देश है। यहां पर इबोला वायरस की वजह से तथा कई मुद्रा प्रयोगों की वजह से यहां की मुद्रा का तेजी से अवमूल्यन हुआ है। जिसके कारण इसकी कीमत अमेरिकी डॉलर के मुकाबले काफी गिर गई है।

7. गिनेयन फ्रैंगक Guinean Franc

1 GNF = 0.00751098 INR
1 INR = 133.138 GNF

यह देश पश्चिमी अफ्रीका में स्थित है। यहां पर बढ़ते अपराध के कारण, बढ़ती गरीबी के कारण, उच्च मुद्रास्फ़ीति दर के कारण गिननि की मुद्रा का लगातार अवमूल्यन हो रहा है। इस देश में सोने, हीरे व एलुमिनियम के भंडार हैं। फिर भी इस देश की राजनीतिक अस्थिरता के कारण यहां की मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले काफी कमजोर है।

8. लाओटियन कीप Laotian Kip

1 LAK = 0.00797953 INR
1 INR = 125.321 LAK

लाओस दक्षिणी पूर्वी एशिया में स्थित है। यहां की मुद्रा का अवमूल्यन नहीं किया गया था। परंतु इसे कम दर के साथ जारी किया गया। यह मुद्रा डॉलर के मुकाबले धीरे धीरे मजबूत हो रही है, तथा यह प्रयास लगातार जारी है कहा जा सकता है कि यहां पर मुद्रा की स्थिरता है।

9. परगुआयन गुआरानी Paraguayan Guarani

1 PYG = 0.0104881 INR
1 INR = 95.3460 PYG

यह साउथ अमेरिका का दूसरा सबसे गरीब देश है। यहां पर बहुत ही विनाशकारी मंदी आई थी, जिस कारण यहां की मुद्रा का अवमूल्यन हुआ है। इसके अलावा यहां पर गरीबी, बेरोज़गारी तथा अनपढ़ता के कारण यहां की मुद्रा का अवमूल्यन हुआ है। यह देश सोयाबीन वह कपास का निर्यातक है। परंतु यह पर्याप्त नहीं है।

10. कम्बोडिया रिएल Cambodian Riel

1 KHR = 0.0179276 INR
1 INR = 55.7800 KHR

यह पूर्वी एशिया का देश है। यहां की मुद्रा को इंडोचाइनीस पाइस्टस से बदल दिया गया था। जो कि अधिक लोकप्रिय नहीं हो सका। क्योंकि रियाल की विनिमय दर बहुत कम थी। इसलिए वहां के लोगों ने डॉलर में लेन देन जारी रखा जिससे वहां की मुद्रा लगातार कमजोर हो गई।

किसी देश की मुद्रा को मजबूत करने के लिए वहां पर अधिक से अधिक विदेशी मुद्रा आनी चाहिए। आयात के बदले निर्यात अधिक होना चाहिए। जिससे कि विदेशी मुद्रा कम चुकानी पड़े और विदेशी मुद्रा अधिक प्राप्त की जा सके। लोगों को अपना पैसा देश में ही इन्वेस्ट करना चाहिए। अगर देश के लोग बाहरी देशों में अपना पैसा लगाएंगे तो यह पैसा उन्हें डॉलर के रूप में चुकाना पड़ेगा, जिससे कि डॉलर की मांग बढ़ेगी और उस देश की मुद्रा की कीमत गिरेगी। ऐसे और भी कई देश हैं, जिनके मुद्रा भारत के मुकाबले कमजोर है। लेकिन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा भी काफी कमजोर है। इसे मजबूत करने के लिए देश को आत्मनिर्भर होना होगा तथा निर्यात को बढ़ावा देना होगा। इस लेख मे दी गई करंसी 13 october, 2020 दिनांक के हिसाब से है।

धन्यवाद

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