विश्व शतरंज दिवस (World Chess Day) – 20 July

जीतना ही मानव का स्वभाव है। और वह खेल ही है, जो हमें जीतने की खुशी और हारने के साहस का अहसास करवाते हैं। खेल हमारे जीवन को अनुशासनात्मक ढंग से विकसित होने की राह दिखाते हैं। यह हमारे जीवन में चल रहे रोज़मर्रा के तनाव व थकान को दूर करके एक नई स्फूर्ति भरते हैं। जिससे हमें रोज एक नया जीवन मिलता है, तथा जीने की चाह जागती है।

खेल खेलना किसे पसंद नहीं है? यह हमारे जीवन का एक जरूरी हिस्सा है छोटे बड़े या फिर बूढ़े सभी को खेलने से प्यार है। यह सिर्फ हमारे मनोरंजन का हिस्सा नहीं है। यह हमारे शरीर और दिमाग को भी मजबूत बनाते हैं। इससे हम नैतिकता, सदभावना व भाईचारे की भावना सीखते हैं। जिसका फायदा हमें जीवन भर मिलता है। खेल स्वस्थ एवं खुश हाल जीवन व सफलता की कुंजी होते हैं। इससे हम जीत हार सीखते हैं। डटकर मुश्किलों का सामना करना सीखते हैं। निर्णय करने की क्षमता सीखते हैं जो हमारे जीवन के लिए बहुत आवश्यक है।

विश्व शतरंज दिवस, 20 जुलाई

12 दिसंबर, 2019 को यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली ने 20 जुलाई को हर वर्ष विश्व शतरंज दिवस (World Chess Day) मनाए जाने की घोषणा की। इस दिन 1924 में पेरिस में अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ FIDE की स्थापना की गई थी। जिसे चिन्हित करने के लिए यह दिन विश्व शतरंज दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 1966 से FIDE के आमंत्रण पर 20 जुलाई को शतरंज खिलाड़ियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस मनाया जाता था। इस दिन को मनाने के लिए UN के साथ-साथ FIDE तथा संपूर्ण विश्व का सहयोग रहेगा। जिससे कि संपूर्ण विश्व में सहयोग व सदभावना का वातावरण बनेगा, तथा इसके कारण संकट व चिंता के समय में एकता का एहसास होगा, जिससे साहस में वृद्धि होगी।

“Chess for Recovering Better” के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए 20 जुलाई 2020 को हाई लेवल वर्चुअल इवेंट इन ऑब्जरवेशन ऑफ वर्ल्ड चेस डे आयोजन यूनाइटेड स्टेट्स द्वारा किया जा रहा है। इसमें आप ZoomApp के द्वारा शामिल हो सकते हैं।

लिंक – https://us02web.zoom.us/j/85170875457?pwd=WWRhV1pqZXdRSDlOV2cvd2xMRURBUT09

शतरंज क्या है?

यह दो खिलाड़ियों के बीच खेला जाने वाला एक खेल है, इस खेल का प्राचीन नाम चतुरंग था। यह एक बौद्धिक खेल है, जो मानसिक शक्ति को प्रकट करता है। शतरंज का खेल विश्व को भारत की एक महान देन है। यह खेल एक 8क्ष 8 के वर्गाकार खाने वाले बोर्ड पर खेला जाता है। जिसमें 64 वर्गाकार खाने होते हैं। जिसको खेलते समय खिलाड़ी आमने-सामने बैठते हैं। तथा बीच में बोर्ड रखा जाता है। दोनों खिलाड़ियों कि अपनी अपनी सेना होती है, सफेद व काले रंग की, जो निश्चित नियमों के अनुसार आगे बढ़ती है। इस खेल का समय 10:00 मिनट से लेकर 6 घंटे या अधिक हो सकता है।

शतरंज का इतिहास

ऐसा माना जाता है, कि शतरंज का उद्गम उत्तर भारत में गुप्त काल में (319-543CE) में हुआ था। इसके अविष्कारक एक चतुरंग ब्राह्मण को माना जाता है। जिनके नाम पर इस खेल का नाम चतुरंग पड़ा। फिर यह खेल 600CE में सिल्क रोड होते हुए पेरिस पहुंचा। जिसे यहां पर शतरंज नाम दिया गया। माना जाता है कि भारत के राजा Khosrov( 531-579CE) ने उन्हें यह खेल उपहार स्वरूप दिया था।

यहां से वह रेशम रोड पर अरब व अन्य क्षेत्रों में फैला। 1000CE तक शतरंज पूरे यूरोप में लोकप्रिय हो गया। तथा धीरे-धीरे इस खेल की ख्याति संपूर्ण विश्व में फैल गई। 1924 में शतरंज को ओलंपिक में शामिल करने का प्रयास किया गया था, जो असफल रहा तब से शतरंज ओलंपियाड की शुरुआत की गई। पहला शतरंज ओलंपियाड 1927 में आयोजित किया गया।

जिसमें 16 देशों ने हिस्सा लिया। तथा 2006 तक 37 वें शतरंज ओलंपियाड में 133 राष्ट्रों ने हिस्सा लिया। अब यह ओलंपियाड हर 2 वर्ष के अंतराल पर करवाए जाते हैं। 1950 के दशक के बाद कंप्यूटर भी शतरंज टूर्नामेंट में प्रवेश करने लगे विश्व शतरंज चैंपियनशिप की शुरुआत 1886 में हुई। इसमें यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका के 2 खिलाड़ी शामिल हुए।

शतरंज कैसे खेला जाता है?

शतरंज का खेल बौद्धिक व मनोरंजक खेल है। इस खेल को 8X8 के वर्गाकार बोर्ड पर खेला जाता है। जिसमें 64 वर्गाकार खाने होते हैं। दो खिलाड़ी आमने-सामने बोर्ड के दोनों तरफ बैठते हैं। दोनों खिलाड़ियों के पास 16-16 मोहरे होती हैं, जिनका रंग काला व सफेद होता है। खिलाड़ी को कोई एक रंग की मोहरे चुननी होती हैं। 16 मोहरों में 8 सिपाही, दो हाथी, दो घोड़े, एक वजीर व एक राजा होता है। सभी मोहरों के आगे बढ़ने या पीछे हटने के लिए निश्चित नियम होते हैं। खिलाड़ी एक दूसरे की मोहरों को काटते हैं। खेल तब तक चलता रहता है, जब तक राजा को बचाने के लिए कोई वैध चाल ने बच जाए।

विश्व शतरंज दिवस World Chess Day

विश्व के प्रमुख शतरंज खिलाड़ी

शौकिया तौर पर शतरंज का खेल विश्व भर में खेला जाता है। तथा जो लोग इस खेल में पारंगत होते हैं, वे विश्व भर में बहुत नाम कमाते हैं। 2020 की FIDE की रैंकिंग के अनुसार कुछ प्रमुख शतरंज खिलाड़ी इस प्रकार हैं।

  • पहले नंबर पर Carlsen,Fabiano,
  • दूसरे नंबर पर Caruana Fabiano,
  • तीसरे नंबर पर Ding, Liren,
  • चौथे नंबर पर Nepomniachtchi Ian
  • पांचवें नंबर पर Vachier-Lagrave,Maxime खिलाड़ी हैं।

भारत के विश्वनाथन आनंद विश्व में 15 स्थान (july 2020 के आकड़ों के अनुसार) के खिलाड़ी हैं। आप पहले 100 खिलाड़ियों की रैंकिंग नीचे दिए गए लिंक पर देख सकते हैं।
लिंक – https://ratings.fide.com/top.phtml?list=men

खेलों के लाभ

  • खेलों का उद्देश्य किसी निश्चित लक्ष्य को प्राप्त करना होता है, इससे प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ती है।
  • खेल से निर्णय लेने की क्षमता का, शारीरिक क्षमता व बौद्धिक क्षमता का विकास होता है।
  • खेलों से व्यक्ति एक टीम की तरह रहना वह काम करना सीखता है, तथा उससे सामाजिकता की भावना बढ़ती है
  • अवधारणा शक्ति बढ़ती है, तथा प्रतिस्पर्धात्मक भावना बढ़ती है।
  • किसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पक्के इरादे होते हैं, इससे ध्यान केंद्रित होता है।
  • इससे जागरूकता व सूझबूझ बढ़ती है, तथा जीवन में कठिनाइयों का सामना करना आता है।

अतः हम कह सकते हैं कि खेलों ने मानवता के संकटों को कम किया है। शतरंज का खेल व्यक्ति घर पर रहकर खेल सकता है। इसके लिए वह कंप्यूटर की मदद ले सकता है। इससे संपूर्ण विश्व में सदभावना, प्रेम व सहयोग की भावना का विकास होगा। आजकल ऑनलाइन शतरंज का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें व्यक्ति भाग ले सकता है या दर्शक के रूप में उसका हिस्सा बन सकता है। किसी भी महामारी के समय यह खेल एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जिससे सहयोग व इच्छाशक्ति को बल मिलता है।

धन्यवाद

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